किसी अपने पर आँख मूंदकर भरोसा करना और फिर उसी भरोसे का टूट जाना, ज़िंदगी के सबसे गहरे ज़ख्मों में से एक है। जब कोई पीठ पीछे विश्वासघात कर जाता है, तो दर्द जुबां पर नहीं आता और तब शब्द ही सबसे बड़ा सहारा बन जाते हैं। यही वजह है कि विश्वास पर धोखा शायरी हर उस दिल की आवाज़ बन जाती है जिसे अपनों ने ठेस पहुँचाई हो। चाहे किसी दोस्त ने साथ छोड़ा हो या किसी अपने ने प्यार में छल किया हो, यहाँ विश्वास पर धोखा शायरी Dosti और विश्वास पर धोखा शायरी Love के चुनिंदा शेर मौजूद हैं, जो आपके अनकहे जज़्बात को सही अल्फ़ाज़ देंगे।
विश्वास पर धोखा शायरी

भरोसा किया था तुझ पर आँख बंद करके,
तूने ही तोड़ा उसे धीरे-धीरे रोज़ के फासले से। 💔
यक़ीन का दिया जलाया था बड़ी मेहनत से,
बुझा गया वो एक ही झूठी शरारत से। 🕯️
जिसे अपना समझा वही गैर निकला,
दिल का हर राज़ अब बेगाना निकला। 😔
भरोसे की नींव पर घर बसाया था हमने,
ढहा दिया उसे एक झूठ के तूफ़ान ने। 🌪️
सच्चाई से दिया था हर एक जवाब,
मिला बदले में सिर्फ एक फरेब का हिसाब। 💧
भरोसे का रिश्ता कांच सा नाज़ुक होता है,
टूटे तो फिर से जुड़ना मुश्किल होता है। 🥀
जिसे सच समझ के हर राज़ बताया,
उसी ने मेरे भरोसे को बाज़ार बनाया। 😔
यकीन का सफर बड़ा सुहाना लगा था,
मंज़िल पे आके पता चला फ़साना था। 🎭
अपनों की मोहब्बत में डूबे थे इतना,
धोखे का एहसास हुआ जब टूटा सपना। 💔
जिस पर किया था भरोसा जान से ज़्यादा,
उसी ने निभाया रिश्ता बेवफा सा वादा। 😢
दिल की हर बात बताई थी बड़े यकीन से,
लौटी वो बातें बन के तीर मेरे सीने से। 🗡️
सादगी से किया था हर एक भरोसा,
बदले में मिला सिर्फ एक झूठा किस्सा। 😞
यकीन की डोर पकड़ के चले थे हम,
कट गई वो डोर, टूट गए हम। 💔
अपनों का साथ ही सबसे बड़ा सहारा लगा था,
निकला वही साथ सबसे बड़ा धोखा। 🥀
भरोसे के पंख देकर उड़ाया था जिसे,
उसी ने काट दिए पंख मेरे भी। 😔
पीठ पीछे विश्वासघात विश्वास पर धोखा शायरी

सामने मुस्कुराते रहे, पीछे कुछ और कहा,
यही तो असली चेहरा उनका था। 🎭
जो बातें मेरे खिलाफ बनाई गईं गुपचुप,
वही निकलीं मेरे अपनों की साज़िश छुपकर। 😢
हँसकर मिलते रहे सामने हर बार,
पीछे रचते रहे मेरे खिलाफ हर वार। 🗡️
जिसे राज़दार बनाया था दिल का,
उसी ने बाँटा राज़ हर महफ़िल का। 😔
सामने वफ़ा की कसमें खाई थीं जिसने,
पीछे से ही चाल चली थी उसने। 🐍
भरोसा किया था उसकी हर बात पर,
निकली वो साज़िश छुपी थी घात पर। 💔
मीठी बातें करता रहा वो सामने हरदम,
ज़हर घोलता रहा पीछे से हरदम। ☠️
जो साथी बनकर चला हर राह में,
वही मिला मुझे धोखा देता चाह में। 😞
सामने आके गले लगाया था मुझे,
पीछे जाके गिराया था मुझे। 💔
छुपकर जो साज़िशें रची गईं मेरे खिलाफ,
वक़्त ने कर दिया एक दिन सब साफ। ⏳
जिस पर यकीन था वो अपना ही निकला,
छुपकर वार करने वाला वही निकला। 🗡️
सामने रहा वो सबसे प्यारा दोस्त बनकर,
पीछे रहा वो सबसे बड़ा दुश्मन बनकर। 😔
राज़ जो दिल के सुनाए थे उसे,
बाँट दिए उसने महफ़िल में हँसे। 😢
यकीन का चोला ओढ़े रखा उसने,
छुपकर हर चाल चली थी उसने। 🎭
सामने की मोहब्बत बस दिखावा निकली,
पीछे की साज़िश ही असली पहचान निकली। 💔
विश्वास पर धोखा शायरी Dosti

दोस्ती की कसमें बस जुबानी थीं शायद,
निभाने का वादा बस कहानी था शायद। 🥀
दोस्त बनकर जो साथ चला था हर मोड़ पर,
वही निकला सबसे बड़ा फरेबी इस दौड़ पर। 🎭
यारी में दिया था दिल खुलकर उसे,
बदले में मिला बस एक धोखा हमें। 😔
जिसे यार समझा वो साथी ना निकला,
वक़्त पड़ने पर वो अपना ना निकला। 💔
दोस्ती के नाम पर जो साथ निभाया था,
उसी ने मौका पाकर मुझे रुलाया था। 😞
यारों की महफ़िल में जो सबसे करीब था,
धोखा देने में वही सबसे तेज़ था। 🗡️
साथ निभाने का वादा किया था उसने,
तन्हा छोड़ दिया मुश्किल घड़ी में उसने। 😢
दोस्ती निभाई थी दिल से बिना शर्त,
मिली बदले में सिर्फ एक बेवफाई की मुहर्त। 💔
जिस यार पे किया था नाज़ हमने,
उसी ने तोड़ा एतबार हमारा हँसके। 😔
यारी में वफ़ा ढूंढी थी हमने भी,
मिला फरेब जो सोचा ना था कभी। 🥀
दोस्त कहकर जिसे गले लगाया था,
पीठ पर छुरा उसी ने चलाया था। 🗡️
साथ चलने का वादा था उम्र भर का,
टूट गया वो रिश्ता एक ही पल में सफर का। 💔
यारी की डोर मज़बूत समझी थी हमने,
कमज़ोर निकली वो एक झूठ के दमने। 😞
जिसे दोस्त समझ के राज़ बताए थे,
उसी ने बाज़ार में नीलाम कराए थे। 😔
साथी बनकर जो हर ग़म में साथ था,
निकला वही सबसे बड़ा आघात था। 💔
विश्वासघात पर शायरी

जिसने तोड़ा एतबार वो अपना ही निकला,
सबसे बड़ा दुश्मन साया बनकर निकला। 💔
विश्वासघात का ज़ख्म कभी भरता नहीं,
वक़्त गुज़र भी जाए तो दर्द मरता नहीं। 🥀
अपनों से मिला घाव सबसे गहरा होता है,
हर धोखे का असर उम्र भर रहता है। 😔
जिस पर किया यकीन उसी ने छला,
यही तो है इस दुनिया का सबसे बड़ा सिला। 💔
विश्वासघात करने वाले भूल जाते हैं शायद,
टूटा दिल कभी माफ नहीं करता ये फ़साना। 😢
धोखा देने वाला हँसकर चला जाता है,
पीछे छोड़ा दर्द उम्र भर सताता है। 🗡️
जिसने भरोसा तोड़ा वो जीत गया शायद,
पर सुकून उसका भी छिन गया शायद। 😔
विश्वासघात की चोट दिखती नहीं किसी को,
पर महसूस होती है हर पल जीने वाले को। 💔
जो भरोसा तोड़ता है वो कमज़ोर होता है,
सच्चाई से डरने वाला ही चोर होता है। 🥀
धोखा देकर जो खुश होते हैं आज,
कल उन्हें भी मिलेगा यही अंजाम। ⏳
विश्वासघात सिखा जाता है एक सबक कड़वा,
हर किसी पर यकीन करना नहीं आसान अब। 😔
टूटे हुए भरोसे को जोड़ना मुश्किल है,
दोबारा किसी पर यकीन करना मुश्किल है। 💔
जिसने धोखा दिया वो भूल जाएगा,
पर ज़ख्म मेरे दिल का रह जाएगा। 😢
विश्वासघात के बाद इंसान बदल जाता है,
हर रिश्ते को शक की नज़र से तोलता है। 🥀
धोखे की मार से टूटा दिल भी सम्भल जाता है,
बस वक़्त लगता है, यकीन फिर से बनता है। 💔
विश्वास पर धोखा शायरी Love

मोहब्बत में वफ़ा ढूंढी थी उसकी आँखों में,
मिला सिर्फ फरेब उसकी हर बातों में। 💔
प्यार में दिया था दिल पूरी सच्चाई से,
धोखा मिला हमें उसी की रुसवाई से। 💧
यकीन था तेरी मोहब्बत सच्ची होगी,
निकली वो बस एक झूठी कहानी सी। 💔
इश्क़ में जो वादे किए थे उसने,
तोड़ दिए वो सारे एक पल में उसने। 😢
मोहब्बत का नाम लेकर जो पास आया था,
दिल तोड़कर वो बेगाना हो गया था। 💔
प्यार की राह में यकीन से चले थे हम,
धोखे की मंज़िल पे आके रुके थे हम। 🥀
जिस पर लुटाया था दिल अपना पूरा,
उसी ने कर दिया रिश्ता अधूरा। 😞
मोहब्बत में इतना यकीन कर बैठे,
धोखा मिला तो टूटकर बिखर बैठे। 💔
इश्क़ की कसमें बस हवा में उड़ गईं,
वफ़ा की उम्मीदें सारी धुआं हो गईं। 🥀
प्यार में जो सच्चाई ढूंढी थी हमने,
मिला फरेब का सामान उसी दमन से। 💔
दिल दिया था उसे यकीन के साथ,
लौटाया उसने धोखे का सौगात। 😔
मोहब्बत में वो साथ निभाने का वादा था,
निकला आखिर में झूठा इरादा था। 🗡️
इश्क़ की डोर पकड़ के जो चले थे हम,
बीच राह में तन्हा छूट गए हम। 😢
जिसे चाहा दिल से उसने ही तड़पाया,
यकीन का सिला उसने धोखा बनाया। 💔
प्यार में यकीन रखना गुनाह हो गया,
उसकी बेवफाई से दिल तबाह हो गया। 🥀
विश्वास पर धोखा शायरी फोटो
हर तस्वीर में साथ था वो हमारे,
हकीकत में निकला वो सबसे बड़ा गद्दार हमारे। 🖼️
यादों की तस्वीरें अब भी सजी हैं दीवार पर,
दर्द छुपा है हर एक फ्रेम के इस बाज़ार पर। 📷
तस्वीर में हँसी थी दोनों की सच्ची लगती,
पर वो हँसी अब बस धोखा दिखती। 😔
हर पल की तस्वीर खींची थी यकीन से,
अब वो तस्वीरें चुभती हैं दिल के अंदर से। 💔
मुस्कुराते पल कैद थे हर तस्वीर में,
दर्द छुपा निकला उसी जागीर में। 📸
साथ की तस्वीरें अब बोझ सी लगती हैं,
हर एक याद अब धोखे सी लगती है। 😢
फ्रेम में बंद वो पल अब तड़पाते हैं,
यकीन के वो लम्हे अब रुलाते हैं। 🖼️
तस्वीर में दिखा प्यार बस दिखावा निकला,
हकीकत में उसका दिल पराया निकला। 💔
हर सेल्फी में साथ था वो मेरे संग,
निकला वो साथी बेवफा हर रंग। 📷
यादों के एलबम में बंद हैं वो लम्हे,
दर्द के सिवा कुछ ना बचा उन दमों में। 😔
तस्वीर देख के दिल फिर से रोता है,
यकीन का हर पल अब चुभता होता है। 💔
कैमरे में कैद थी वो झूठी मुस्कान,
पीछे छुपा था धोखे का पूरा सामान। 📸
तस्वीरों में सजी यादें अब जलाती हैं,
हर एक फ्रेम अब यकीन को दफनाती है। 😢
पुरानी तस्वीर देख के दिल भर आता है,
यकीन टूटने का दर्द फिर याद आता है। 💔
निष्कर्ष
धोखा चाहे दोस्ती में मिले या प्यार में, उसका दर्द शब्दों में ढलकर हल्का जरूर हो जाता है। उम्मीद है इस संग्रह की विश्वासघात पर शायरी आपके दिल की बात कह पाई होगी। आप चाहें तो इनमें से पसंदीदा पंक्तियाँ विश्वास पर धोखा शायरी फोटो के साथ अपनों तक पहुंचा सकते हैं, ताकि आपकी भावना सही तरीके से सामने आए। कभी-कभी सही शायरी ही सबसे बड़ी राहत बन जाती है।
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